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अभिमंत्रित सिद्ध होने वाले 5 हजार कलश जिस घर में पहुंचेंगे वहां सम्पन्नता, ऐश्वर्य, सुख व समृद्धि का होगा वास
कृष्णगिरी। लोकप्रिय धारावाहिक रामायण, महाभारत या कोई भी ऐसी हिन्दी फिल्म जिसमें ऋषि-मुनियों का वृतांत बताया गया है उसी अनुसार, कल्पना को हकीकत में जीवन में पहली बार राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. की निश्रा में कृष्णगिरी के श्री श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम में 23 जुलाई तक आयोजित हो रहे श्री विश्वशांति एवं महालक्ष्मी कुबेर अनुष्ठान, सदी के सबसे विशालतम महायज्ञ में यज्ञ कुटीर बनाया गया है। बिना कील या फिर लोहे के बिना उपयोग के बने इस यज्ञ कुटीर में प्रतिदिन श्री विश्वशांति एवं महालक्ष्मी, कुबेर अनुष्ठान में 108 महाविद्वान पंडित आहूतियां दे रहे हैं।
महाअनुष्ठान सम्पन्न करने के बाद घर को स्वर्ग बनाने वाले महालक्ष्मी कुबेर मंत्रों से एक करोड़ कुमकुम पूजन, 10 लाख हवन आहूतियों और 25 लाख धन्वंतरि कुबेर जाप से सिद्ध 5 हजार दिव्य कलश जिस घर में पहुंचेंगे वहां सम्पन्नता, ऐश्वर्य, सुख व समृद्धि का वास होगा। इसी कलश में अनेक दिव्य औषधियों के साथ-साथ जड़ी बूटियां, नवरत्न, 32 उपरत्न, 32 हीलिंग जेमस्टोन्स, 3 दिव्य सिद्धयंत्र, 106 वैष्णव तीर्थों का दिव्य कुंकुम, मूल्यवान धातुएं डाली जा रही है।
छह लीटर पीतल का अष्टलक्ष्मीयुक्त-नारियल एवं पानयुक्त वृहद कलश बहुत ही पवित्र
इस कलश अनुष्ठान में प्रयोग की जाने वाली सामग्री बहुत ही दुर्लभ है। बात करें सिद्ध-अभिमंत्रित कलश की तो यह छह लीटर का पीतल का अष्टलक्ष्मी युक्त व पीतल के नारियल एवं पान युक्त यह वृहद कलश बहुत ही पवित्र है। राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने बताया कि इस कलश अनुष्ठान करने के लिए विशाल महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस महायज्ञ से वातावरण शुद्ध एवं पवित्र हो रहा है, वातावरण में न केवल फैले कीटाणु बल्कि बीमारियां भी नष्ट होंगी, मानव जाति को शांति और समृद्धि का मार्ग मिलेगा। देश पर आए इस संकट से देश की सुरक्षा होगी। साथ ही मानवजाति के कल्याण के लिए, देश की सुरक्षा के लिए किया गया यह एक अद्भुत, अलौकिक महायज्ञ, अनूठा कलश अनुष्ठान साबित होगा।
सोना, चांदी सहित जरी के वस्त्र प्रतिदिन दस कुण्डों में डाले जा रहे
राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजय जी म.सा. ने बताया कि हिन्दुस्थान के पहले और अतिदिव्य इस धार्मिक अनुष्ठान को सम्पन्न करने के लिए 40,000 वर्गफुट के यज्ञमंडप में देश की सुरक्षा के संकल्प को सिद्ध करने एवं कलशों को सिद्ध करने के लिए दस दिनों में [14 से 23 जुलाई] एक करोड़ बार महालक्ष्मी के चरणों में कुमकुम पूजा की जाएगी, प्रतिदिन यज्ञाहुति में रत्न, सोना, चांदी सहित जरी के वस्त्र दसों कुंडों में दस दिन तक होमे जा रहे हैं।
महायज्ञ की महापूर्णाहूति के दिन मनेगा अद्भुत भव्यता के साथ गुरु-आराधना का त्यौंहार
महायज्ञ महापूर्णाहूति के मौके पर 23 जुलाई, शुक्रवार को गुरुपूर्णिमा के दिन अद्भुत भव्यता के साथ गुरु-आराधना का त्यौंहार मनाया जाएगा। इस दिन सैंकड़ों किलो चंदन, मेवे से महायज्ञ की महापूर्णाहूति होगी। इसके साक्षी बनकर महान पुण्य प्राप्त करने के लिए पूज्य गुरुदेवश्रीजी डॉ वसंतविजय जी म.सा. के अधिकृत वेरिफाइड यू ट्यूब चैनल ‘थॉट योगा’ यूट्यूब चैनल पर सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक सीधा प्रसारण देखा जा सकता है। साथ ही इसी दिन रात्रि 8 बजे से राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. के सानिध्य मेें गुरु वंदन का अनुपम कार्यक्रम होगा। जिसमें गुरु नमन, गुरु स्तुति, गुरु के मंत्रों का जाप भी होगा।


